dalchini ke fayde or nuksan

दालचीनी : Cinnamon benefits


   परिचय:  दालचीनी को हम सब गर्म मसाले के रूप में जानते हैं.दालचीनी पेड़ के अंदर की छाल होती हैं.दालचीनी का प्रयोग खाना और मिठाई में किया जाता हैं. दालचीनी आसानी से उपलब्ध एवं औषधीय गुणों से भरपूर एक मसाला है जो सामान्यतः सभी रसोइयों में उपलब्ध होता है. 

दालचीनी में पाए जाने वाले उपयोगी तत्व : दालचीनी में विटामिन्स  (विटामिन .ए, ) ,कैल्शियम आयरन,विटामिन बी ६ ,मैग्नीशियम ,फाइबर पाया जाता हैं. दालचीनी मे एंटी फंगल ,एंटी बैक्टीरियल ,एंटी ओक्सिडेंट ,एंटी इन्फ्लेमेट्री  तत्व पाए जाते हैं.


1. ब्लड सुगर को नियंत्रित करता हैं : दालचीनी को गरीबो का इन्सुलिने भी कहते हैं. दालचीनी  इन्सुलिन का निर्माण कर  खून में सुगर के लेवल को कम करता हैं.टाइप २ डायबेटिक्स के लिए दालचीनी बहुत मशहूर हैं.जो की खून के सुगर को नियंत्रित करता हैं.
2.  कैलेस्ट्रोल को नियंत्रित करता हैं : जिनको भी कैलेस्ट्रोल की अनियमिता हैं उनको दिल के दौरे पड़ने  की संभावना ज्यादा हो जाती हैं.शरीर में रक्त वाहिनो या धमनियों में रुकावट आ जाती हैं जिससे दिल तक खून सही से नहीं पहुँच पाता और ह्रदय घात का ख़तरा बना रहता हैं. जब हम एंटी ऑक्सीडेंट की मात्रा बहुत कम लेते हैं तो कैलेस्ट्रोल बढ़ जाता हैं.दालचीनी कैलेस्ट्रोल के लेवल को नियंत्रित करता हैं.एक उपाय भी हैं. २ चम्मच शहद ,३ चम्मच दालचीनी पाउडर १/२ लीटर गर्म पानी के साथ ले .इससे कैलेस्ट्रोल का ख़तरा कम हो जाता हैं.

3. उल्टी,दस्त होने पे : दालचीनी का उपयोग उल्टी ,दस्त में भी किया जाता हैं.इसके लिए १ गिलास पानी में दालचीनी पाउडर   को उबालें फिर उसमे शहद मिलाएं और  इसको पी ले,  फायदा होता हैं 



4. दम्मा ,अश्थमा, वात के रोग के लिए : जिनको दम्मा ,या अश्थमा (Asthama) हो तो उनको दालचीनी का उपयोग करना चाहिए.दालचीनी के पाउडर को गुड के साथ अच्छे से मर्दन कर के गर्म पानी के साथ लेना चाहिए.. आराम मिलता हैं.
5. सर्दी, खासी ,कफ इत्यादी में ; सर्दी ,खासी ,काफ गले में खरास इत्यादी  में दालचीनी का उपयोग लाभप्रद होता हैं दालचीनी में एंटी फंगल ,एंटी बैक्टीरियल तत्व पाए जाते हैं .जो सर्दी ,खासी,गले में खरास इत्यादी को खत्म करने में मदद करता हैं ..इसके लिए दालचीनी पाउडर में शहद को बराबर मात्रा में लेकर गर्म पानी के साथ सेवन करना चाहिए.
6.  सर के दर्द के लिए:  सर सर में बहुत दर्द हो रहा हो तो आप देशी नुस्खा अपना सकते हैं .दालचीनी के पाउडर को गर्म पानी के साथ पेस्ट बना ले और उसको सर पे उस लेप को लगाए और ५,७ मिमुते बाद धो ले .सर के दर्द में आराम मिलता हैं. दालचीनी दिमाग की शक्ति को बढ़ने में मदद करती हैं.

7. अर्थ्रिटिक /ऑस्टियोपोरोसिस  के लिए : दालचीनी अर्थ्रिटिक ,ऑस्टियोपोरोसिस ,जोरो में दर्द ,मसल्स में दर्द इत्यादि में दालचीनी का उपयोग फायदेमंद हो सकता हैं.
8. कान के दर्द के लिए :  अगर कान में तेज दर्द हो रहा हो या फिर कम सुनाइ पड़ता हो तो दालचीनी के तेल की कुछ बुँदे कान में लेने से बहुत  फायदा होता हैं.दालचीनी सुनने की शक्ति को बढाती हैं.

9. गैस ,बद्हाज़मी से छुटकारा दिलाता हैं :  गैस की समस्या हो तो दालचीनी का उपयोग फायदेमंद हैं.इसके लिए १ चम्मच दालचीनी के पाउडर में १ चम्मच शहद मिला कर गर्म पानी के साथ इसका सेवन लाभप्रद होता हैं . इससे पेट की समस्यायों में निजात मिलता हैं.

10. कैंसर के लिए उपयोगी : दालचीनी का तेल कैंसर में होने वाले प्रभाव को कम करता हैं दालचीनी ट्यूमर ,गैस्ट्रिक कैंसर की रोकथाम के लिए दालचीनी का उपयोग किया जाता हैं.दालचीनी के पाउडर में शहद को मिला कर खाते रहने से भी कैंसर में होनेवाले प्रभाव को कम किया जा सकता हैं.
11. अल्झाइमर एवं पार्किन्सन  की बीमारी में : अल्झाइमर एवं पार्किन्सन  की बीमारी में दालचीनी का उपयोग किया जाता हैं.दालचीनी के पाउडर का पेस्ट बना कर लगाने से फयदा होता हैं.

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